नए युग को सीख

बहुत समय बाद मेरी कलम ने एक कविता को जन्म दिया है|
नए युग को सीख
हिम से आती जलधारा
मिलती है थल के जल में
जीना हमको सिखलाती हैआने वाले नए कल में|
मिलना उससे, जिससे काम
आगे बढ़ना है सम्मान|
पथ के पत्थर से न डरना
हिम्मत से आगे बढ़ना|

Comments